उत्तर प्रदेश का अमेठी गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा, सरेआम दो लोगों की गोली मारकर हत्या, इलाके में मचा हड़कंप!

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य में कानून व्यवस्था का गुड़गान करते थकती नहीं है। लेकिन हकीकत उसके गुड़गान से परे है। आए दिन राज्य में हो रही आपराधिक घटनाओं ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। ताजा मामला मेरठ में सामने आया है।

अमेठी में चार लोगों ने एक व्यक्ति और उसके भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने कहा कि दोहरे हत्याकांड के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है। मृतकों की पहचान सुरेश यादव (50) और उनके भतीजे बृजेश यादव (20) के रूप में हुई है। मुसाफिरखाना के एसएचओ अमर सिंह ने कहा कि मृतक अपने वाहन से घर लौट रहे थे, इसी दौरान सोमवार रात को यह घटना हुई।

पुलिस अधिकारी ने कहा, रात करीब 10.30 बजे यह दोनों लोग दादरा गांव के पास पहुंचे थे, तभी दो बाइक पर सवार चार हमलावर आए और उन्हें रोक लिया। उन्होंने कई गोलियां चलाईं और फरार हो गए। गोलियों की आवाज ने यात्रियों और निवासियों का ध्यान आकर्षित किया, जो पीड़ितों को स्थानीय सीएचसी ले गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

सुरेश यादव मुसाफिरखाना तहसील में राजस्व कर्मचारियों के संघ के तहसील महासचिव थे। उनकी मां रंपति देवी भद्दौर की ग्राम प्रधान हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।

उत्तर प्रदेश हत्या के मामलों में टॉप पर

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021 में देश में हत्या के 29,272 मामले दर्ज किए गए। साल 2020 में यह संख्या 29,193 थी। साल 2019 में यह संख्या 28,915 थी। उत्तर प्रदेस में सबसे ज्यादा 3,717 हत्या के मामले दर्ज किए गए। इसके बाद बिहार में 2,799 और महाराष्ट्र में 2,330 मामले दर्ज किए गए। वहीं, मध्य प्रदेश में 2,034 और पश्चिम बंगाल में 1,884 मामले दर्ज किए गए।

वहीं, शहरों में दिल्ली में साल 2021 में सबसे अधिक 454 हत्या के मामले दर्ज किए गए। दिल्ली के बाद मुंबई में 162 हत्या के मामले, चेन्नई में 161 मामले, बेंगलुरु में 155 मामले, सूरत में 121 मामले, जयपुर में 118 मामले, लखनऊ में 101 मामले और पुणे में 100 मामले दर्ज किए गए।



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