झारखंड में दुर्गा नवमी के दिन दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की हत्या कर दी गयी। पहली घटना रांची जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र के दयली गांव की है, जहां एक ग्रामीण हराधन लोहरा को उसी गांव के एक युवक ने धारदार हथियार से काट डाला। आरोपी का नाम तरुण है, जिसे पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, वह सुबह से हथियार लेकर यह कहते हुए घूम रहा था कि दुर्गा नवमी पर किसी की बलि देनी है। इसके बाद दोपहर में उसने हराधन महतो को अकेले में पाकर उसपर हथियार से वार कर दिया। बुरी तरह जख्मी ग्रामीण इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाये जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया। तमाड़ पुलिस थाना के प्रभारी ने बताया है कि आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया है कि उसने दुर्गा नवमी पर नरबलि का संकल्प लिया था। पुलिस ने उसके पास से धारदार हथियार भी बरामद कर लिया है।
दूसरी घटना पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के शिल्दा खुर्द गांव की है, जहां नवमी के ही दिन भूत-डायन के नाम पर उपजे विवाद के बीच 60 वषीर्या कलावती देवी और उनके पुत्र 38 वर्षीय प्रभु सिंह को गांव के ही दो लोगों ने कुल्हाड़ी से काट डाला। हत्या के दोनों आरोपियों विनोद सिंह और बबन सिंह ने घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण कर दिया। एसडीपीओ अजय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह घटना भूत-डायन के अंधविश्वास और जमीन को लेकर दो परिवारों के बीच झगड़े का परिणाम है।
बता दें कि झारखंड में तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत, डायन-ओझा के अंधविश्वास में वर्ष 2015 से 2020 के बीच 250 लोगों की हत्या कर दी गयी। पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि इन पांच वर्षों में राज्य के विभिन्न पुलिस थानों में 4660 मामले दर्ज किये गये। बीते सितंबर की 25 तारीख को राज्य के गुमला जिले के लूटो गांव में एक परिवार की महिला पर डायन होने का आरोप लगाकर तीन लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गयी थी। इसके पहले 22 फरवरी को इसी जिले के कामडारा थाना क्षेत्र में एक परिवार के पांच लोगों को अंधविश्वास से उपजे विवाद में मार डाला गया था।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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