गुलाबो-सिताबो के किस्से बता रहे बिग बी- झुककर चलने से कमर टूट गई, प्रोस्थेटिक करने सुबह 3.30 बजे उठता था

अमिताभ बच्चन ने शुक्रवार को ब्लॉग पर शूजित सरकार की गुलाबो-सिताबो की शूटिंग केकिस्से शेयर किए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजधानी में गर्मियों के वक्त इस फिल्म की शूटिंग की गई। इस दौरान वहां तापमान 50 डिग्री तक पहुंच जाता है। हम लोग गर्मी से बचने के लिए सुबह 6.30 बजे शूटिंग करते थे। लेकिन, इसकेलिए भारी प्रोस्थेटिककरवानेमुझे तीन घंटे पहले रात 3.30 बजे ही मेकअप वैन में पहुंचाना होता था। और, यह किसी बुरे सपने की तरह था।

पसीने की वजह से चेंज करनी पड़ती थी ड्रेस

अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर फिल्म के कुछ फोटो भी शेयर किए हैं। उन्होंने लिखा- एक तस्वीर में आप देख सकते हैं कि जो ड्रेस मैंने पहनी है, वह पीछे से खुलती है। भरी गर्मियों में शूटिंग के मद्देनजर ऐसा करना डारेक्टर का विचार था। वह जानते थे कि हम लोग गर्मियों के सीजन में लखनऊ में शूट कर रहे हैं, जब पारा 50 डिग्री तक पहुंच जाता है। वो इस बात को समझ रहे थे कि पसीने की वजह से मुझे बार-बार ड्रेस चेंज करनी पड़ेगी।
बिग बी ने आगे लिखा- अगर ऐसे में मेरी ड्रेस में आगे की तरफ बटन होते तो प्रोस्थेटिक और हेयर मेकअप की वजह से काफी मुश्किल हो जाती। लेकिन, अगर पीछे से बटन हो तो ऐसी कोई परेशानी नहीं होनी थी।

गुलाबो-सिताबो में अमिताभ के साथ आयुष्मान खुराना भी हैं। फिल्म 22 जून को अमेजन प्राइम पर रिलीज हो रही है।

गर्मी में प्रोस्थेटिक मेकअप में परेशानी थी

'दोपहर की गर्मी में परेशान ना होना पड़े इसके लिए शूटिंग बहुत सुबह शुरू हो जाती थी। दोपहर में ब्रेक लिया जाता था और फिर शाम को भी शूट किया जाता था। कैमरा लाइट्स के हिसाब से भी यह सहूलियत भरा होता था। लेकिन, सुबह शूटिंग प्रोस्थेटिक मेकअप के लिहाज से बुरा सपना ही होता था। शूटिंग 6.30 बजे शुरू होती थी और मुझे तीन घंटे पहले 3.30 बजे रात को ही मेकअप वैन में पहुंचना होता था।'
'गर्म पानी के साथ प्रोस्थेटिक में समस्या होती है। ये मेकअप बह जाता है। इसके लिए चेहरे को ठंडा रखने के लिए सेट पर पर्याप्त व्यवस्थाएं थीं। कूलिंग सिस्टम भी लगाया गया। लेकिन, लगातार शूटिंग के दौरान बार-बार गर्मी में जाना और फिर ठंड में आना मेरे लिए बुरkरहा। या तो मैं ठंडा रहता था, या फिर गर्म रहता था।'

एक्टर बनना है तो बनिए, शिकायत मत कीजिए

अमिताभ ने कहा- मेरा कैरेक्टर भी ऐसा था, जिसे कमर झुकाकर चलना था। ऐसे में मेरी पीठ बहुत दर्द करती थी। मैं बैठ नहीं पाता था और ना ही लेट पाता था। पेन किलर्स की इजाजत नहीं थी, केवल स्प्रे थे। जिनका कोई असर नहीं होता था। तो अगर आप अभिनेता बनना चाहते है तो बनिए, शिकायत मत करिए।



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Big B Amitabh Bachchan narrating tales of Gulabo-Sitabo shooting


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